Khabar Aajkal

अपोलो हॉस्पिटल्स कोलकाता में ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को कम करने वाली अपनी तरह की पहली सर्जरी।
Spread the love

अपोलो हॉस्पिटल्स कोलकाता में ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को कम करने वाली अपनी तरह की पहली सर्जरी।

कोलकाता. महानगर में बेवरली हिल्स की तर्ज पर 37 वर्षीय एक गृहणी ने अपनी संपूर्ण आंतरिक शक्ति को इकट्ठा करते हुए एक भयावह बीमारी के खतरे को दुर्गा पूजा में दूर भगाया. उन्होंने ब्रेस्ट और ओवरियन कैंसर रिस्क रिडक्शन सर्जरी करायी जो पहली बार पूर्वी भारत में अपोलो ग्लेनईगल्स हॉस्पिटल्स, कोलकाता में हुई।

ठीक सात वर्ष पहले यानी वर्ष 2013 के अक्तूबर में, हॉलीवुड अभिनेत्री एंजेलीना जोली ने ठीक ऐसी ही सर्जरी बेवरली हिल्स, कैलीफोर्निया में करायी थी जब जांच में पता चला कि उन्हें ब्रेस्ट कैंसर का खतरा है। करीब 13 हजार किलोमीटर दूर, जोली के कारनामे ने मेदिनीपुर जिले के कुइकोटा में रहने वाली मौसमी रॉय को प्रभावित किया। जोली की तरह मौसमी ने भी अपनी मां को ब्रेस्ट कैंसर की वजह से खोया था। तब मौसमी की उम्र 10 वर्ष की थी। बाद में उसने इस बीमारी की वजह से अपनी मौसी को भी खो दिया। उल्लेखनीय है कि उसके पिता की भी मौत कैंसर की वजह से हुई थी।

इसलिए इस वर्ष अप्रैल में जब उनकी बीआरसीए टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई और यह स्पष्ट हुआ कि उन्हें ब्रेस्ट और ओवरियन कैंसर होने का खतरा काफी है तब उनकी तैयार पूरी थी। वह तुरंत लेफ्ट साइडेड, “ निपल स्पेयरिंग मैसेक्टॉमी” (निपल को बरकरार रखते हुए ब्रेस्ट टिशु को निकालना) और उनके खुद की पीछे की मांसपेशियों के जरिये इमप्लांट के द्वारा ब्रेस्ट के तात्कालिक पुनर्निमाण के लिए तैयार हो गयींं। इसके साथ ही, “ लैप्रोस्कोपिक बाइलेटरल सैलफिंगो-ऊफेरेक्टॉमी” भी की गयी ताकि उनके दोनों ओवरीज और फैलोपियन ट्यूब को निकाल दिया जाये।

इससे पहले इस वर्ष जनवरी में उनके दाहिने ब्रेस्ट में कैंसर पाया गया था और उन्होंने ब्रेस्ट कंजर्वेशन सर्जरी(जिसमें केवल कैंसरस ट्यूमर हटाया गया था लेकिन बचे हुए ब्रेस्ट टिशु और बाकी हिस्से बरकरार थे) अपोलो ग्लेनईगल्स हॉस्पिटल्स, कोलकाता में कंसल्टेंट ऑन्को-सर्जन डॉ शुभदीप चक्रवर्ती के तहत करायी थी। तभी बीआरसीए टेस्ट किया गया था, जो कोविड की वजह से हुए विलंब के बाद, पॉजिटिव आया था।

अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर तथा सात वर्षीय लड़की की मां, मौसमी ने कहा, “ मैंने कैंसर की उसके भयावह स्वरूप की भांति ही चिकित्सा करायी। मेरा एकमात्र लक्ष्य था कि इससे संपूर्ण मुक्ति हासिल कर लूं। मेरे पति ने मेरी भरपूर सहायता की। एंजेलीना जोली की सर्जरी के संबंध में मुझे पता था लेकिन यह नहीं पता था कि यह भारत में भी हो सकती है। यह एक सुखद आश्चर्य था जब डॉ चक्रवर्ती ने कहा कि वह इसे अपोलो कोलकाता में ही कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि घर में भले ही कामकाज की सहायता के लिए एक सहायक है लेकिन वह घर के काम खुद ही करना पसंद करती हैं और वह इसे सितंबर 2020 में हुई सर्जरी से घर लौटने के एक हफ्ते के बाद से ही कर रही हैं।

उनके सर्जन, कंसल्टेंट सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, अपोलो कोलकाता, डॉ शुभदीप चक्रवर्ती ने इस वर्ष जनवरी में दाहिने ब्रेस्ट में सर्जरी की थी(इसके बाद मरीज की अपोलो में एडजुवेंट केमोथेरेपी कंसल्टेंट मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ इंद्रनील घोष के तहत और एडजुवेंट रेडिएशन कंसल्टेंट रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ तनवीर शाहिद के तहत किया गया)। पिछले महीने, डॉ चक्रवर्ती ने फिर से टीम के साथ बायें ब्रेस्ट की और ओवरी हटाने के लिए आठ घंटे की सर्जरी की। टीम में डॉ रमना बनर्जी(कंसल्टेंट गाइनोकॉलोजिस्ट), डॉ सप्तर्षि भट्टाचार्य(कंसल्टेंट प्लास्टिक सर्जन) और डॉ तापस कर, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी से थे।

शुभदीप चक्रवर्ती ने बताया, “ मिस रॉय की बीआरसीए रिपोर्ट ने स्पष्ट किया था कि ब्रेस्ट कैंसर होने का उनका खतरा 90 फीसदी से अधिक है। लेकिन अब सर्जरी के बाद यह पांच फीसदी से कम हो गया है, जो कि उनके उम्र की औसत भारतीय महिलाओं के खतरे से भी कम है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद, विशिष्ट कैंसर सर्जन तथा अपोलो ग्लेनईगल्स, कैंसर हॉस्पिटल के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के निदेशक, डॉ शैकत गुप्ता, ने मल्टी मोडल चिकित्सा पर जोर देते हुए कहा कि इसे मरीजों को इसलिए मुहैया किया जा सकता है क्योंकि अपोलो एक मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल है। उन्होंने कहा, “ इसके जैसे कई विशेष और मुश्किल मामलों में चिकित्सा की प्रक्रिया पर चर्चा होती है और जिसे हम ट्यूमर बोर्ड कहते हैं, उसमें मेडिकल, सर्जिकल और रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट्स रहते हैं। अन्य स्पेशलिटीज के डॉक्टरों को भी जरूरत पड़ने पर आमंत्रित किया जाता है।

इस मामले में ट्रीटमेंट की पद्धति को नेशनल कैंसर ग्रिड ऑफ इंडिया ने भी सहमति दी थी।
अपोलो ग्लेनईगल्स कैंसर हॉस्पिटल के कंसल्टेंट मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ इंद्रनील घोष ने कहा, “ ज्यादातर महिलाएं, विशेषकर युवा उम्र की, वह जोखिम को कम करने वाली सर्जरी को कराने के लिए तैयार नहीं होतीं। लेकिन मौसमी उनके लिए उदाहरण बन सकती हैं।

अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप के पूर्वी क्षेत्र के सीइओ, राना दासगुप्ता ने मौसमी की प्रशंसा करते हुए कहा, “ पूर्वी भारत में सर्वाधिक अत्याधुनिक सर्जरी और मेडिकल प्रोसीड्योर में हम सक्षम हैंं। हम मिस रॉय को धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने हम पर भरोसा किया। अपोलो ग्लेनईगल्स कैंसर हॉस्पिटल कई मामलों में पहली बार कीर्तिमान स्थापित करने वाला बना है। हमें खुशी है कि अपने कीर्तिमानों में यह नया फलक भी शामिल हो गया है।

इसका समर्थन करते हुए डॉ श्यामाशीष बंद्योपाध्याय ने मरीज की सराहना करते हुए कैंसर की शुरूआती जांच और चिकित्सा पर जोर दिया। उनका कहना था, “ मुझे आशा है कि ब्रेस्ट कैंसर या ओवरियन कैंसर के विकसित होने के जोखिम को झेलने वाली महिलाएं मिस रॉय से प्रेरणा लेंगी और अपने डॉक्टरों से बात करके, ‘ बीमारी को छिपा कर रखकर उसे और खतरनाक बनाने की बजाय कैंसर पर विजय’ पाने के विकल्पों के संबंध में बात करेंगी।


Spread the love
author
News cordinator and Advisor at Khabar Aajkal Siliguri

Related Articles